
नरसिंहानंद सरस्वती ने फिर मुसलमानों के खिलाफ ज़हर उगलते हुए हज़रात मुहम्मद (सवव) का किया अपमान, असवैधानिक शब्दों का इस्तेमाल, हमेशा से मुसलमान के खिलाफ बयानबाज़ी करने के बाद भी सरकार खामोश,कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए हमेशा देते हैं भड़काऊ बयान, बजाये कार्यवाही के हिन्दू संगठन खुश होते हैं और प्रशासन खामोश, भारत के प्रधानमंत्री और उनकी पार्टी भी इस ज़हरीले बयानों पर मुस्कुराती चुप्पी साधे रहते हैं